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कर्नाटक में सबकुछ ठीक नहीं... DK शिवकुमार की बढ़ी टेंशन, विभागों के बंटवारे से नाराजा मंत्री-विधायक पहुंचे दिल्ली

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Jun 09, 2026 10:56 am IST,  Updated : Jun 09, 2026 11:02 am IST

कर्नाटक में रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे से उठे विवाद सुलझने के ठीक बाद अब विभाग बंटवारे से नाराज मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा और विधायक रिजवान अरशद दिल्ली पहुंच गए हैं।

Karnataka CM DK Shivakumar- India TV Hindi
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार Image Source : PTI

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर पोर्टफोलियो बंटवारे को लेकर मची रात अभी शांत होता नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अभी कुछ ही दिन पहले वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी की बगावत को शांत कराया था, लेकिन अब दो और बड़े नेताओं की नाराजगी ने सरकार के सामने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। दोनों कांग्रेस नेतृत्व से चर्चा के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं।

जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा और कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद आलाकमान से मिलने दिल्ली पहुंच चुके हैं। इन नेताओं के इस कदम से कयास लगाए जा रहे हैं कि कर्नाटक में कैबिनेट और विभागों के फेरबदल का खेल अभी खत्म नहीं हुआ है।

कृष्णा बायरे गौड़ा को चाहिए पूरा पावर?

बेंगलुरु विकास विभाग मिलने के बावजूद कृष्णा बायरे गौड़ा ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपना कार्यभार नहीं संभाला है। सूत्रों के मुताबिक, उनकी नाराजगी इस बात को लेकर है कि उन्हें विभाग तो मिला, लेकिन उसका पूरा कंट्रोल नहीं दिया गया। गौड़ा चाहते हैं कि BDA (बेंगलुरु विकास प्राधिकरण) और BMRDA (बेंगलुरु महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को भी उनके मंत्रालय के अधीन किया जाए। उनका मानना है कि इन दो बड़ी एजेंसियों के बिना बेंगलुरु विकास मंत्रालय एक कमजोर विभाग बनकर रह जाएगा।

रिजवान अरशद की कैबिनेट पर नजर

दूसरी तरफ, कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद भी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। बताया जा रहा है कि वह कैबिनेट में जगह नहीं  मिलने से असंतुष्ट हैं और मंत्रिमंडल में पद पाने के लिए आलाकमान से पैरवी कर रहे हैं।

रेड्डी विवाद तो सुलझा, लेकिन असंतोष बरकरार

यह नया संकट ऐसे समय में आया है जब महज एक हफ्ते पहले ही सीएम डीके शिवकुमार ने रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे से उपजे विवाद को शांत किया था। रेड्डी को सिंचाई विभाग दिया गया था, जिससे नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उनका दावा था कि उनसे बेंगलुरु विकास मंत्रालय का वादा किया गया था, जो बाद में कृष्णा बायरे गौड़ा को दे दिया गया। हालांकि, एक मैराथन लेट-नाइट बैठक के बाद शिवकुमार ने डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा था, "रामलिंगा रेड्डी मेरे दोस्त हैं। सारे मामले सुलझा लिए गए हैं। यह हमारा पारिवारिक मामला था और अब इस्तीफा विवाद खत्म हो चुका है।"

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